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  • Ranchi Program

    हम सभी शिव शिष्य एवं शिष्यागण अपने पूर्व के संकल्प की पुनरावृति करते हैं की इस वर्ष 2014 में जनमानस को शिव की गुरु सत्ता से सम्बद्ध करेंगे और इस कार्य की गति गुणात्मक होगी। पूर्ण विश्वास है कि हम सभी शिव शिष्यता के पथ पर अबाध गति से अनवरत चलते रहेंगे, जन-जन को प्रेरित करते रहेंगे; गंतव्य हमसबों की प्रतीक्षा में है । ससाधुवाद

  • SSP Mohali

    हम सभी शिव शिष्य एवं शिष्यागण अपने पूर्व के संकल्प की पुनरावृति करते हैं की इस वर्ष 2014 में जनमानस को शिव की गुरु सत्ता से सम्बद्ध करेंगे और इस कार्य की गति गुणात्मक होगी। पूर्ण विश्वास है कि हम सभी शिव शिष्यता के पथ पर अबाध गति से अनवरत चलते रहेंगे, जन-जन को प्रेरित करते रहेंगे; गंतव्य हमसबों की प्रतीक्षा में है । ससाधुवाद

  • SSP Sanghosti

    हम सभी शिव शिष्य एवं शिष्यागण अपने पूर्व के संकल्प की पुनरावृति करते हैं की इस वर्ष 2014 में जनमानस को शिव की गुरु सत्ता से सम्बद्ध करेंगे और इस कार्य की गति गुणात्मक होगी। पूर्ण विश्वास है कि हम सभी शिव शिष्यता के पथ पर अबाध गति से अनवरत चलते रहेंगे, जन-जन को प्रेरित करते रहेंगे; गंतव्य हमसबों की प्रतीक्षा में है । ससाधुवाद

  • Ranchi Program

    हम सभी शिव शिष्य एवं शिष्यागण अपने पूर्व के संकल्प की पुनरावृति करते हैं की इस वर्ष 2014 में जनमानस को शिव की गुरु सत्ता से सम्बद्ध करेंगे और इस कार्य की गति गुणात्मक होगी। पूर्ण विश्वास है कि हम सभी शिव शिष्यता के पथ पर अबाध गति से अनवरत चलते रहेंगे, जन-जन को प्रेरित करते रहेंगे; गंतव्य हमसबों की प्रतीक्षा में है । ससाधुवाद

शिव के गुर-स्वरूप से एक-एक व्यक्ति को जोड़ना है। गाँव-क़स्बे तक शिव चर्चा पाहुचनी है। घर-घर से संपर्क कर शिव-शिष्य बनाने का प्रयास नववर्ष 2014 में हमारा संकल्प होगा। संकल्प ही नहीं, प्रयास होगा, बिना रुके, बिना थके। हरींद्रानन्द, दीदी नीलम आनंद।

welcome to Shiv Shishya Sampravah

As An Organized Concept, It First Was Started And Is Being Spread Far And Wide By Revered Shri Harindrananda, Starting Early 1980’s. He Spent years in the sciences of Tantra, Mantra, Tantrik Sadhnas, etc. but never got the kind of spiritual bliss which he was in search of. Ultimately he realized and felt in himself that SHIVA is the source of all past and present and future Knowledge. HE is the perennial source of all things which Good human beings (Sada’-aatmas) strive and search for. He got the inner voice saying to him to spread SHIVA GURU.
Spreading the fragrance of spiritualism, peace equality and how to blossom into a fine human being by blending one's work and spiritual needs guided by the GURU Lord SHIVA far and wide.

SSS Message
भारतीय अध्यात्म के सिंहावलोकन से स्प?्षट होता है कि महेवर िाव चिरकाल से आदिगुरू एवं गुरू पद पर अवस्थित हैं। गं्रथों में िाव के िा?्षयों"प्रिा?्षयों का नामोल्लेख मिलता है। पुरातन काल से िाव को रूद्र, पाुपति, ईवर, मृत्युंजय, देवाधिदेव, महाकाल, महेवर, जगतगुरू आदि उपाधियों से विभू?ि्षात किया गया है। उनके विभिन्न स्वरूपों की पूजा"अचर्ना का अविरल प्रवाह सर्वाधिक लोकपि्रय होता आया है।चन्दा मामा सबके मामा और िाव ?ार"?ार के बाबा हो गये। देवताओं के अधिपति, असुरों के आराध्य, योगियों के योगीवर, अ?ाोरियों के अ?ाोरेवर, तांत्र्कि के महाकौेलेवर, कापालिकों के कपालेवर, गृहस्थेां के उमा"महेवर एवं निहंगों के माानी िाव के बहुआयामी व्यक्तित्व का लोक"चेतना पर अक्षुण प्रभाव है। िाव समस्त विसंगतियों में संगति की स्थापना हैं।
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